:
Breaking News

बीएमसी चुनाव 2026: बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, नतीजों के बाद महाराष्ट्र में तेज हुई सियासी तकरार

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 2026 के परिणाम सामने आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुंबई की सत्ता का रास्ता तय करने वाले इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों दलों ने मिलकर 227 सदस्यीय बीएमसी में 118 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे यह लगभग तय हो गया है कि अगला मेयर बीजेपी खेमे से होगा।दूसरी ओर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 65 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। चुनाव परिणामों के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है और आरोप–प्रत्यारोप खुलकर सामने आ रहे हैं।

संजय राउत का शिंदे पर तीखा हमला

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने हार के लिए सीधे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शिंदे को ‘जयचंद’ करार दिया और कहा कि यदि शिंदे ने पार्टी से बगावत न की होती तो मुंबई में बीजेपी का मेयर बनना संभव नहीं था। राउत ने कहा कि मराठी समाज शिंदे को हमेशा विश्वासघाती के रूप में याद रखेगा।
उन्होंने बीजेपी पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी हर राज्य में दलों को तोड़कर ‘जयचंद’ तैयार करती है और उसी के सहारे चुनाव जीतती है। राउत ने यहां तक कहा कि सत्ता के बिना ऐसे नेताओं की कोई हैसियत नहीं रह जाती।

मुंबई की लड़ाई अभी खत्म नहीं—राउत

संजय राउत ने यह भी दावा किया कि बीएमसी में मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं है। उनके अनुसार विपक्ष के पास करीब 105 पार्षदों की ताकत है और वे सत्ताधारी खेमे को मनमानी नहीं करने देंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुंबई को ठेकेदारों के हवाले नहीं होने दिया जाएगा और उनकी पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

2022 की बगावत से शुरू हुई अदावत

शिंदे और उद्धव गुट के बीच टकराव 2022 में तब शुरू हुआ, जब एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत कर महाविकास आघाड़ी सरकार गिरा दी और बीजेपी के साथ मिलकर नई सरकार बना ली। तभी से उद्धव गुट उन्हें गद्दार कहता रहा है, जिसका असर इस चुनावी बयानबाजी में भी साफ दिखा।

अन्य दलों का प्रदर्शन

इस चुनाव में अजित पवार की एनसीपी को केवल 3 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि शरद पवार गुट को महज 1 सीट मिली। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 6 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को 8 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिलीं।

बीएमसी पर 25 साल बाद बदला समीकरण

गौरतलब है कि 1997 से 2022 तक अविभाजित शिवसेना का बीएमसी पर वर्चस्व रहा था। इस बार सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं और मुंबई की कमान बीजेपी के हाथों में जाती दिख रही है, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा 2026 के विधानसभा चुनाव की दिशा भी तय करेगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *